Myths and Misconception
 
There are many myths and misconceptions about organ and tissue donation. Here are the facts :
 
  • A doctor’s first priority is to save your life, whether you are a donor or not.
  • People of all ages and medical histories can be donors. Medical suitability is determined case-by-case, at the time of death.
  • All major religions support organ, eye and tissue donation as an act of charity.
  • There is no cost to the donor’s family for donation.
  • It is illegal to buy and sell organs and tissue for transplant in India.
 

News Update

एम.के. इंटरनेशनल आई बैंक की मासिक कार्निया क्लब मीटिंग संपन्न

एम.के. इंटरनेशनल आई बैंक की मासिक कार्निया क्लब मीटिंग संपन्न
प्रति माह अनुसार इस बार भी एम.के. इंटरनेशनल आई बैंक के द्वारा कॉर्निया क्लब की मासिक बैठक दिनांक 02 जून 2019 को रखी गयी थी। आई बैंक के द्वारा सभी नेत्र दाता परिवार को आमंत्रित कर उनका सम्मान एवं आई बैंक का अवलोकन कराया गया।
मुख्य अतिथि के रूप मैं जे.जी.टी.एस. ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री अशोक जी यादव, सचिव श्री विजय जी बडगुजर एवं उनके साथी गण उपस्थित रहे। तिलोरखुर्द से नटवरलाल पाटीदार, बदनावर से रितेश बागरेचा एवं नेत्रदान दाता परिवार ने भी पधारकर अपने विचार प्रकट किये व अपने-अपने क्षेत्र में नेत्रदान के प्रति जागरूकता लाने का संकल्प लिया।
श्रीमति विमलेश झंवर मुख्य वक्ता के रूप मैं आई बैंक के डॉक्टर राजेश गुप्ता एवं आई बैंक की प्रबंध संचालक श्रीमती उमा झंवर जी ने अपनी भूमिका निभाई। अप्रैल माह के नेत्रदान दाता परिवार इस कॉर्निया क्लब मीटिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। इस प्रकार यह मीटिंग सम्पन हुई।
इस मौके पर आई बैंक के समस्त स्टाफ भी उपस्थित रहा।

 
ऑल इंडिया आप्थोमोलॉजीकल सोसायटी

ऑल इंडिया आप्थोमोलॉजीकल सोसायटी का 77वां वार्षिक सम्मेलन संपन्न

इंदौर। ऑल इण्डिया ओप्थोमोलोजिकल सोसायटी की कॉन्फ्रेंस इन्दौर में फरवरी 2019 माह में संपन्न हुई। इस अवसर पर कॉन्फ्रेंस में पधारे प्रमुख डॉक्टर्स एवं आई बैंक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एम.के. इंटरनेशनल आई बैंक का अवलोकन किया एवं आई बैंक की गतिविधियों की सराहना की। 
एआइओस कांफ्रे न्स में विशेषज्ञ बोले-हर साल देश में 50 हजार कार्निया ट्रांसप्लांट की जरूरत है। अपोलो हास्पिटल, हैदराबाद के कार्निया सर्जन 
डॉ. राजेश फोगला ने कहा, देश में हर सालों लाखों लोग कार्निया बदलने का इंतजार कर रहे है। देश में औसतन हर साल 25 हजार कार्निया ट्रांसप्लांट हो रहे है। जरूरत लगभग 50 हजार ऑपरेशन हर साल करने की है। नेत्रदान के प्रति जागरूकता की कमी के कारण लाखों लोगों को अंधेरे का जीवन जीने को मजबूर है। भारत में यह ऑपरेशन बहुत ही आसान एवं सस्ता है जबकि विदेशों में इसका खर्च लाखों में है।
77वाँ एआईओस कांफ्रेन्स आर्गेनाईजिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. आर.एस. चौधरी, सचिव, डॉ. सतीश प्रेमचंदानी, डॉ. सुधीर महाशब्दे, उपाध्यक्ष डॉ. प्रतीप व्यास, कोषाध्यक्ष डॉ. महेश सोमानी, डॉ. एस. बांडे के सफ ल नेतृत्व में इंदौर में यह कॉन्फ्रेंस सम्पन्न हुआ।
 
 
प्रकाश जैन, न्यासी शामिल हुए

प्रकाश जैन, न्यासी शामिल हुए

श्री प्रकाश पिता स्व. शांतिलाल जैन (सीए) 
फ र्म-प्रकाश एस. जैन एण्ड कं. मुरलीधर किशन गोपाल पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा संचालित एम.के. इन्ट. आई बैंक में बतौर ‘‘न्यासी’’ शामिल हुए। आपका आर्थिक क्षेत्र के साथ ही सामाजिक क्षेत्र में दीर्घ अनुभव ट्रस्ट के काम आएगा। आपके व्यक्तित्व में कुशाग्र बुद्धि, सबको प्रेरित करने की कला, मानवता, सामाजिक सेवा का दीर्घ अनुभव सभी के प्रिय श्री प्रकाश जैन, भट्टारक यशकीर्ति दिगम्बर जैन पारमार्थिक ट्रस्ट प्रतापगढ़ (राज.) श्री दुआचंद रखबदास पारमार्थिक ट्रस्ट, इंदौर के न्यासी, अहिल्यामाता गौशाला के साथ ही जैन समाज में सामाजिक शिक्षा प्रकल्पों एवं सेवा सहायता आदि में आपकी सक्रिय भूमिका रहती है। आपका मानना है कि सामाजिक स्तर पर लोगों को शिक्षित एवं जागरूक कर नेत्रदान को बढ़ावा देना होगा। इंदौर में जन्मे श्री प्रकाश जैनजी अति विनम्र एवं दृढ़ सम्माननीय व्यक्तित्व है। आपका नेत्र बैंक से जुड़ना हम सब के लिए गौरव की बात है। 
 
10वां नेशनल कॉर्निया एंड आई बैकिंग कॉन्फ्रेंस पुणे में सम्पन्न

पुणे में आयोजित सितम्बर माह में तीन दिवसीय 10वां राष्ट्रीय कार्निया एवं आई बैंकिंग सम्मेलन में एम.के. आई बैंक इंदौर की सक्रिय 

भागीदारी रही। आई बैंक लिडरशीप समिट से सम्मेलन की शुरुआत की गई, जिसमें एन.पी.सी.बी. (NPCB) जी.ए.ई.बी.ए. (GAEBA), ए.ई. बी.ए. (AEBA), ए.सी.बी.ए. (ACBA), ए.सी.बी. (ACBA),  साईट लाइफ  (Sight Life), आई.एफ .ई.बी. (IFEB), केरा लिंक इंटरनेशनल (Kera Link International) से प्रतिभागी शामिल थे। एम.के. आई बैंक द्वारा द्वितीय सत्र 

में प्रस्तुति दी गई। 
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में एक लाख कॉर्निया प्रत्यारोपण का लक्ष्य 31 दिसम्बर 2020 तक रखा गया है। राष्ट्रीय स्तर पर मल्टी सेन्टर समन्वय एवं कार्य योजना बनाकर इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभिन्न सदस्यों के द्वारा अपने नूतन विचार रखे। इस सम्मेलन में चेयरमेन जी. मुखर्जी, डॉ. कर्नल मदन देशपांडे, डॉ. नम्रता शर्मा(सचिव) के साथ ही मिस हीथर मकीन, मिस क्लेयर बोनिला, डॉ. मोहम्मद फ राजद्गी अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी के साथ ही मेजर जनरल डॉ. जे.के. एस. परिहार (उपाध्यक्ष), डॉ. ऋषि मोहन, डॉ. आर. गोविंद हरि प्रमुख राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी इस सम्मेलन में शामिल थे। इस सम्मेलन में एम.के. आई बैंक द्वारा ‘थेरेप्यूटिक ग्रेड कॉर्निया टिश्यु के उपयोग’ एवं ‘ग्रामीण क्षेत्रों में आई बैंकिंग’ पर सारगर्भित उद्बोधन दिया व इसको बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास और इसके लिए आवश्यक सहायता के संबंध में चर्चा की गई। इस सम्मेलन में श्रीमती झंवर के साथ तकनीकी टीम के सदस्य श्री अनिल गौरे ने भाग लिया। 
 
Kidney recipient’s kin donate eyes after death

Kidney recipient’s kin donate eyes after death 

The 23-year-old kidney recipient, who had undergone a transplant surgery on November 18, died on Monday. The youth from Haringhata in Nadia had got a deceased donor kidney. In a heart wrenching gesture, his family donated his corneas to Sankara Nethralaya. 
 

 

 

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