M K International Eye Bank

Successfully Completion Of 9 Years  

 



Summary-April-2019
Number of Cornea this Month      24
Motivated      00
Voluntary      01
Total Cornea till date     8512
Number of Cornea Last Month      88
Cornea Collection Last Year    1140
Number of Sclera      06
   
The first corneal transplant of India was done at Indore in the late fifties by Dr. R. P. Dhanda and Dr. V. Kelevar Unfortunately in Central India we are still lacking a stand alone Eye Bank.
  
Sai Sampada(Building - which houses the Eye Bank) is an Energy Efficient Building. Bharat Ratna Dr. A.P.J. Abdul Kalam's vision inspired and motivated us to construct this Energy Efficient Building.
 
We have completed all the legal formalities. Registration with EBAI and under Human Organ Transplant Act has also been done.
 
We are now equipped with the state of the art equipment for the Eye Bank, supported by dedicated and trained Medical, Technical staff and socio medical workers.
 
There are currently an estimated 15 million blind people in India. 6.8 million of these suffer from corneal blindness with vision less than 6/60 in atleast one eye, and of these, about 1 million have bilateral corneal blindness. If the present trend continues, it is expected that the number of corneally blind individuals in India will increase to 8.4 million in 2010 and 10.6 million by 2020.
 
Of these atleast 3 million can be benefited by corneal transplantation. Thus, to effectively meet the evergrowing demand, we need around 150,000 corneal transplants to be performed every year. However, the current supply is only 33000 corneas (2008) alone.
 
Working with the conviction out strategic mission is: Developing into an organisation with a strong civil society orientation while retaining characteristic advantages of technical institutions.
 
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News Update

ऑल इंडिया आप्थोमोलॉजीकल सोसायटी

ऑल इंडिया आप्थोमोलॉजीकल सोसायटी का 77वां वार्षिक सम्मेलन संपन्न

इंदौर। ऑल इण्डिया ओप्थोमोलोजिकल सोसायटी की कॉन्फ्रेंस इन्दौर में फरवरी 2019 माह में संपन्न हुई। इस अवसर पर कॉन्फ्रेंस में पधारे प्रमुख डॉक्टर्स एवं आई बैंक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एम.के. इंटरनेशनल आई बैंक का अवलोकन किया एवं आई बैंक की गतिविधियों की सराहना की। 
एआइओस कांफ्रे न्स में विशेषज्ञ बोले-हर साल देश में 50 हजार कार्निया ट्रांसप्लांट की जरूरत है। अपोलो हास्पिटल, हैदराबाद के कार्निया सर्जन 
डॉ. राजेश फोगला ने कहा, देश में हर सालों लाखों लोग कार्निया बदलने का इंतजार कर रहे है। देश में औसतन हर साल 25 हजार कार्निया ट्रांसप्लांट हो रहे है। जरूरत लगभग 50 हजार ऑपरेशन हर साल करने की है। नेत्रदान के प्रति जागरूकता की कमी के कारण लाखों लोगों को अंधेरे का जीवन जीने को मजबूर है। भारत में यह ऑपरेशन बहुत ही आसान एवं सस्ता है जबकि विदेशों में इसका खर्च लाखों में है।
77वाँ एआईओस कांफ्रेन्स आर्गेनाईजिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. आर.एस. चौधरी, सचिव, डॉ. सतीश प्रेमचंदानी, डॉ. सुधीर महाशब्दे, उपाध्यक्ष डॉ. प्रतीप व्यास, कोषाध्यक्ष डॉ. महेश सोमानी, डॉ. एस. बांडे के सफ ल नेतृत्व में इंदौर में यह कॉन्फ्रेंस सम्पन्न हुआ।
 
 
प्रकाश जैन, न्यासी शामिल हुए

प्रकाश जैन, न्यासी शामिल हुए

श्री प्रकाश पिता स्व. शांतिलाल जैन (सीए) 
फ र्म-प्रकाश एस. जैन एण्ड कं. मुरलीधर किशन गोपाल पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा संचालित एम.के. इन्ट. आई बैंक में बतौर ‘‘न्यासी’’ शामिल हुए। आपका आर्थिक क्षेत्र के साथ ही सामाजिक क्षेत्र में दीर्घ अनुभव ट्रस्ट के काम आएगा। आपके व्यक्तित्व में कुशाग्र बुद्धि, सबको प्रेरित करने की कला, मानवता, सामाजिक सेवा का दीर्घ अनुभव सभी के प्रिय श्री प्रकाश जैन, भट्टारक यशकीर्ति दिगम्बर जैन पारमार्थिक ट्रस्ट प्रतापगढ़ (राज.) श्री दुआचंद रखबदास पारमार्थिक ट्रस्ट, इंदौर के न्यासी, अहिल्यामाता गौशाला के साथ ही जैन समाज में सामाजिक शिक्षा प्रकल्पों एवं सेवा सहायता आदि में आपकी सक्रिय भूमिका रहती है। आपका मानना है कि सामाजिक स्तर पर लोगों को शिक्षित एवं जागरूक कर नेत्रदान को बढ़ावा देना होगा। इंदौर में जन्मे श्री प्रकाश जैनजी अति विनम्र एवं दृढ़ सम्माननीय व्यक्तित्व है। आपका नेत्र बैंक से जुड़ना हम सब के लिए गौरव की बात है। 
 
10वां नेशनल कॉर्निया एंड आई बैकिंग कॉन्फ्रेंस पुणे में सम्पन्न

पुणे में आयोजित सितम्बर माह में तीन दिवसीय 10वां राष्ट्रीय कार्निया एवं आई बैंकिंग सम्मेलन में एम.के. आई बैंक इंदौर की सक्रिय 

भागीदारी रही। आई बैंक लिडरशीप समिट से सम्मेलन की शुरुआत की गई, जिसमें एन.पी.सी.बी. (NPCB) जी.ए.ई.बी.ए. (GAEBA), ए.ई. बी.ए. (AEBA), ए.सी.बी.ए. (ACBA), ए.सी.बी. (ACBA),  साईट लाइफ  (Sight Life), आई.एफ .ई.बी. (IFEB), केरा लिंक इंटरनेशनल (Kera Link International) से प्रतिभागी शामिल थे। एम.के. आई बैंक द्वारा द्वितीय सत्र 

में प्रस्तुति दी गई। 
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में एक लाख कॉर्निया प्रत्यारोपण का लक्ष्य 31 दिसम्बर 2020 तक रखा गया है। राष्ट्रीय स्तर पर मल्टी सेन्टर समन्वय एवं कार्य योजना बनाकर इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभिन्न सदस्यों के द्वारा अपने नूतन विचार रखे। इस सम्मेलन में चेयरमेन जी. मुखर्जी, डॉ. कर्नल मदन देशपांडे, डॉ. नम्रता शर्मा(सचिव) के साथ ही मिस हीथर मकीन, मिस क्लेयर बोनिला, डॉ. मोहम्मद फ राजद्गी अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी के साथ ही मेजर जनरल डॉ. जे.के. एस. परिहार (उपाध्यक्ष), डॉ. ऋषि मोहन, डॉ. आर. गोविंद हरि प्रमुख राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी इस सम्मेलन में शामिल थे। इस सम्मेलन में एम.के. आई बैंक द्वारा ‘थेरेप्यूटिक ग्रेड कॉर्निया टिश्यु के उपयोग’ एवं ‘ग्रामीण क्षेत्रों में आई बैंकिंग’ पर सारगर्भित उद्बोधन दिया व इसको बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास और इसके लिए आवश्यक सहायता के संबंध में चर्चा की गई। इस सम्मेलन में श्रीमती झंवर के साथ तकनीकी टीम के सदस्य श्री अनिल गौरे ने भाग लिया। 
 
Kidney recipient’s kin donate eyes after death

Kidney recipient’s kin donate eyes after death 

The 23-year-old kidney recipient, who had undergone a transplant surgery on November 18, died on Monday. The youth from Haringhata in Nadia had got a deceased donor kidney. In a heart wrenching gesture, his family donated his corneas to Sankara Nethralaya. 
 

 

 
Symposium on Eye-banking and Eye-donation

Symposium on Eye-banking and Eye-donation

All India President of Eyebank Association of India Dr Usha Gopinath and Secretary Mr G Ganesh visited the M K International Eyebank of Indore on 2nd May 2015.

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